कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 24 • कथा auR6NvuVKUiDjX7ggiLP
1 / 4
पंचवटी और गोदावरी का संबंध रामायण के सबसे महत्वपूर्ण कालखंड से है। जब भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी 14 वर्ष के वनवास पर थे, तब उन्होंने अपने वनवास का एक लंबा और मुख्य समय नासिक (महाराष्ट्र) में गोदावरी नदी के तट पर स्थित 'पंचवटी' में बिताया था। 'पंचवटी' का अर्थ है पाँच वट (बरगद) के वृक्षों का समूह। पौराणिक कथा के अनुसार, अगस्त्य मुनि के सुझाव पर भगवान राम ने इसी स्थान को अपनी कुटिया बनाने के लिए चुना था। यहाँ पाँच पवित्र वट वृक्ष आज भी माने जाते हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे पाँच ऋषियों के प्रतीक हैं।
