कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 24 • कथा uikC2KjDy2KUyWLzHo
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प्राचीन समय की बात है। रन्तिदेव नामक का एक राजा था। वह पहले जन्म में बहुत धर्मात्मा एवं दानी था। दूर दूर तक उसकी बहुत ही ख्याति थी। अपने पूर्व जन्म के कर्मो की वजह से वह इस जन्म में भी अपार दान आदि देकर बहुत से सत्कार्य किये। दान धर्म करके सबका भला करता था। जरुरत मन्दो को कभी भी निराश नहीं होने देता था। कुछ समय पश्चात राजा बूढ़ा हो गया ,उनके अंत समय में यमराज के दूत लेने आये। राजा को देखकर डराकर घूरते हुए कहा राजन ! राजन तुहारा समय समाप्त हो गया अब तुम नरक में चलो।
