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पौराणिक कथाएँ 25
पौराणिक कथाएँ 25
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 25 • कथा FAiYnaZKVaaXeVPw8XsI
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नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के सबसे भयंकर और शक्तिशाली स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है— 'काल' का अर्थ है समय या मृत्यु और 'रात्रि' का अर्थ है रात। अर्थात् जो काल का भी विनाश करने वाली हैं। इन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है क्योंकि इनका रूप भले ही विकराल हो, पर ये सदैव शुभ फल देने वाली हैं। माँ कालरात्रि की कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब शुंभ, निशुंभ और रक्तबीज नामक राक्षसों ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया, तब देवताओं की रक्षा के लिए माँ दुर्गा ने अपने तेज से इस स्वरूप को प्रकट किया। * रक्तबीज का संकट: रक्तबीज को यह वरदान प्राप्त था कि उसके शरीर से रक्त की एक भी बूंद जहाँ गिरेगी, वहाँ वैसा ही एक और शक्तिशाली राक्षस पैदा हो जाएगा।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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