कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 17 • कथा 2m7FbFmIcemf3hKg6MBZ
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एक संत शुक्रताल से बरसाना दर्शन करने गए अपने शिष्यो के साथ । वो शुक्रताल हनुमधाम में रहते है हनुमान जी को अपना बड़ा भाई ठाकुर जी को छोटा भाई और राधा रानी को बहु मानते है । वह बरसाना की सीढ़ी चढ़ कर ऊपर महल से पहले अटारी पर जाकर बैठ गए । उनके शिष्यो ने कहा चलो ऊपर महल में श्री जी के दर्शन कर ले । तो वो बोले मै तो जेठ हू घर के द्वार पर ही ठीक हुँ
