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Mahabharata Part 3 : Vanaparva
Mahabharata Part 3 : Vanaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय 0HF1hOmcv8gKcV4GKl84
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धर्मराज युधिष्ठिर ने महर्षि मार्कण्डेय से हाथ जोड़कर पूछा कि हे मुनिवर! क्या महारानी द्रौपदी के समान पतिव्रता, सत्यनिष्ठ और कुल का उद्धार करने वाली कोई अन्य सौभाग्यवती नारी भी इस संसार में हुई है? महर्षि मार्कण्डेय ने कहा कि हे राजन्! मद्र देश के धर्मात्मा राजा अश्वपति की परम विदुषी कन्या 'सावित्री' का पावन चरित्र अत्यंत प्रेरणादायी है। राजा अश्वपति संतानहीन थे, अतः उन्होंने अठारह वर्षों तक कठोर तपस्या और गायत्री-जप किया। देवी सावित्री ने प्रकट होकर उन्हें एक परम तेजस्वी कन्या का वरदान दिया, जिसका नाम सावित्री रखा गया।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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