श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय 11aRV91kHH3oXOU0FoHu
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युधिष्ठिर से प्रतिस्मृति विद्या प्राप्त कर अर्जुन ने दिव्यास्त्रों की प्राप्ति हेतु हिमालय के इन्द्रकील पर्वत की ओर प्रस्थान किया। मार्ग में वृद्ध तपस्वी के रूप में आए इन्द्रदेव ने अर्जुन की दृढ़ता की परीक्षा ली।
