श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय 2DNKP4eEs7K6jnmshi2z
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महर्षि व्यास ने युधिष्ठिर को उंछवृत्तिधारी मुद्गल मुनि की निष्काम अतिथि-सेवा का आख्यान सुनाया, जिन्होंने नश्वर स्वर्ग के स्थान पर मोक्ष को वरण किया।

महर्षि व्यास ने युधिष्ठिर को उंछवृत्तिधारी मुद्गल मुनि की निष्काम अतिथि-सेवा का आख्यान सुनाया, जिन्होंने नश्वर स्वर्ग के स्थान पर मोक्ष को वरण किया।