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Mahabharata Part 3 : Vanaparva
Mahabharata Part 3 : Vanaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय 4NeUhCuMw2KMXkt96Qom
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धर्मराज युधिष्ठिर ने महर्षि मार्कण्डेय से हाथ जोड़कर पूछा कि हे मुनिवर! देवाधिदेव स्वामी कार्तिकेय का प्रादुर्भाव किस प्रकार हुआ? वे अग्निदेव के पुत्र कैसे कहलाए और उन्हें समस्त देवताओं के सेनापति का पद कैसे प्राप्त हुआ? कृपा करके यह संपूर्ण पावन वृत्तांत विस्तार से सुनाइए। महर्षि मार्कण्डेय ने कहना आरंभ किया कि पूर्वकाल में देवताओं और असुरों के मध्य घोर संग्राम छिड़ा हुआ था। असुरों के निरंतर प्रहारों से देवसेना त्रस्त होकर पराजित होने लगी थी। तब देवराज इन्द्र एक अजेय और महाबली सेनापति की खोज में मानस पर्वत पर विचारमग्न बैठे थे।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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