श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय 5pi9gEOg98qi9bb2iS8L
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एक दिन एक हिरण एक गरीब ब्राह्मण की पूजा की लकड़ी (अरणी) लेकर भाग गया। पाण्डव उस लकड़ी को वापस लाने के लिए हिरण के पीछे बहुत दूर जंगल में निकल गए।

एक दिन एक हिरण एक गरीब ब्राह्मण की पूजा की लकड़ी (अरणी) लेकर भाग गया। पाण्डव उस लकड़ी को वापस लाने के लिए हिरण के पीछे बहुत दूर जंगल में निकल गए।