श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय 8W0VseAKNaXqmOymUpxL
1 / 10
वृत्रासुर के संहार हेतु महर्षि दधीचि ने लोक-कल्याण के लिए अपनी देह का त्याग कर अस्थियों का दान किया, जिनसे देवशिल्पी विश्वकर्मा ने अमोघ 'वज्र' का निर्माण किया।

वृत्रासुर के संहार हेतु महर्षि दधीचि ने लोक-कल्याण के लिए अपनी देह का त्याग कर अस्थियों का दान किया, जिनसे देवशिल्पी विश्वकर्मा ने अमोघ 'वज्र' का निर्माण किया।