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Mahabharata Part 3 : Vanaparva
Mahabharata Part 3 : Vanaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय DRV6PdLBF6YLRZofb7DY
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दमयन्ती को धर्मशाला में अकेला छोड़कर जब राजा नल घने जंगल में आगे बढ़े, तो उन्होंने चारों ओर भीषण दावानल (जंगल की आग) धधकते हुए देखा। आग की भयानक लपटों के बीच से किसी की अत्यंत कातर पुकार सुनाई दी कि हे पुण्यश्लोक राजा नल! दौड़कर मेरी रक्षा कीजिए। राजा नल ने निर्भय होकर आग की लपटों के बीच प्रवेश किया। वहाँ उन्होंने नागराज कर्कोटक को कुंडली मारकर लाचार पड़े देखा। कर्कोटक ने हाथ जोड़कर कहा कि देवर्षि नारद के शापवश मैं यहाँ हिल भी नहीं सकता था और उन्होंने कहा था कि राजा नल ही तुम्हारा उद्धार करेंगे।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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