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Mahabharata Part 3 : Vanaparva
Mahabharata Part 3 : Vanaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय M1DoqBWndqgeCCFeXTCH
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जब राजा ऋतुपर्ण का रथ कुण्डिनपुर पहुँचा, तो महाराज भीम ने उनका अत्यंत भव्य स्वागत-सत्कार किया। परंतु नगर में स्वयंवर की कोई तैयारी न देखकर राजा ऋतुपर्ण लज्जित हो गए और उन्होंने केवल औपचारिक भेंट का बहाना बनाया। उधर राजमहल की छत से रथ के पहियों की गड़गड़ाहट सुनकर दमयन्ती का हृदय धड़कने लगा। वे भली-भाँति जानती थीं कि इस वेग से केवल राजा नल ही रथ हाँक सकते हैं। परंतु जब उन्होंने देखा कि रथ का सारथि एक कूबड़ा और नाटे कद का पुरुष बाहुक है, तो वे घोर संशय में पड़ गईं।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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