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Mahabharata Part 3 : Vanaparva
Mahabharata Part 3 : Vanaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 3 : Vanaparva • अध्याय NtBS6xp6woHW0CRHLS9z
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जब भोज, वृष्णि और अन्धक वंश के यादवों को ज्ञात हुआ कि पाण्डव छलपूर्वक द्यूत में पराजित होकर काम्यक वन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं, तो वे अत्यंत क्रुद्ध हो उठे। भगवान श्रीकृष्ण, पाञ्चालराज के पुत्र धृष्टद्युम्न, चेदिराज धृष्टकेतु और केकय देश के राजकुमार तुरंत पाण्डवों से मिलने काम्यक वन पहुँचे। कौरवों के इस जघन्य कृत्य की घोर निंदा करते हुए सभी क्षत्रिय वीर भगवान श्रीकृष्ण को अपना नेता बनाकर धर्मराज युधिष्ठिर के चारों ओर आदरपूर्वक बैठ गए। पाण्डवों की दुर्दशा देखकर श्रीकृष्ण का मुख क्रोध से लाल हो गया।

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