Skip to main content
Part 1 of 4
Aa
पौराणिक कथाएँ 15
पौराणिक कथाएँ 15
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 15 • कथा 7Dy0hrDA8GrMk9JhzJ0s
1 / 4

एक दिन हनुमानजी जब सीता जी की शरण में आए, नैनों में जल भरा हुआ है बैठ गए शीश झुकाए, सीता जी ने पूछा उनसे कहो लाडले बात क्या है, किस कारण ये छाई उदासी, नैनों में क्यों नीर भरा है ? हनुमान जी बोले मैया आपनें कुछ वरदान दिए हैं, अजर अमर की पदवी दी है, और बहुत सम्मान दिए हैं, अब मैं उन्हें लौटानें आया, मुझे अमर पद नहीं चाहिए, दूर रहूं मैं श्री चरणों से, ऐसा जीवन नहीं चाहिए। सीता जी मुस्काकर बोली बेटा ये क्या बोल रहे हो, अमृत को तो देव भी तरसे, तुम काहे को डोल रहे हो? इतने में श्रीराम प्रभु आ गए और बोले, क्या चर्चा चल रही है मां बेटे में.............?

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
1 / 4