कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 15 • कथा u6ivycsJIwRzpFb8I0BK
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तेरहवीं सदी में महाराष्ट्र में एक प्रसिद्द संत हुए जिनका नाम था संत नामदेव । कहा जाता है कि जब वे बहुत छोटे थे तभी से भगवान की भक्ति में डूबे रहते थे। एक बार संत नामदेव अपने शिष्यों को ज्ञान-भक्ति का प्रवचन दे रहे थे। तभी श्रोताओं में बैठे किसी शिष्य ने एक प्रश्न किया , "गुरुवर, हमें बताया जाता है कि ईश्वर हर जगह पर मौजूद है, पर यदि ऐसा है तो वो हमें कभी दिखाई क्यों नहीं देता, हम कैसे मान लें कि वो सचमुच हमारे आस पास ही है, और यदि वो है तो हम उसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं ?
