कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 1 • कथा E7Dez9N224xhjVjJRol7
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नवगुंजरा की पौराणिक कथा यह कथा तब की है जब पांडव वनवास में थे। अर्जुन मणिपुर की पहाड़ियों पर तपस्या कर रहे थे। एक दिन अचानक उनके सामने एक ऐसा जीव प्रकट हुआ जिसे देखकर वे चकित रह गए। उस जीव के नौ अंग अलग-अलग प्राणियों के थे: सिर: मुर्गे का गर्दन: मोर की पीठ: कूबड़ वाले बैल की कमर: शेर की पूँछ: साँप की पैर: हाथी, बाघ और घोड़े के (तीन पैर) हाथ: मनुष्य का (जिसमें उसने कमल का फूल पकड़ा था) अर्जुन पहले तो डरे, फिर उन्होंने अपना गांडीव धनुष उठा लिया।
