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पौराणिक कथाएँ 1
पौराणिक कथाएँ 1
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 1 • कथा YibC5M3aeeaxArsLd764
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स्वामी रामकृष्ण परमहंस और उनके गुरु तोतापूरी की कहानी भारतीय आध्यात्मिक इतिहास के सबसे रोचक प्रसंगों में से एक है। यह कथा दो विपरीत विचारधाराओं के मिलन की है: एक तरफ 'साकार भक्ति' (रामकृष्ण) और दूसरी तरफ 'निराकार वेदांत' (तोतापूरी)। यहाँ तोतापूरी के आगमन और उनके जीवन के उस परिवर्तन की लंबी कथा है जिसने उन्हें पूर्ण बनाया: तोतापूरी एक 'नागा संन्यासी' थे जो अद्वैत वेदांत के प्रकांड विद्वान थे। वे पिछले 40 वर्षों से लगातार साधना कर रहे थे और उन्हें 'निर्विकल्प समाधि' (अंतिम सत्य) प्राप्त थी। वे कभी भी एक स्थान पर तीन दिन से अधिक नहीं रुकते थे। जब वे दक्षिणेश्वर मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने युवा रामकृष्ण को मंदिर के चबूतरे पर बैठा देखा। तोतापूरी उनकी आँखों की चमक और चेहरे का तेज देखकर समझ गए कि यह कोई साधारण पुजारी नहीं है। उन्होंने रामकृष्ण से पूछा— "क्या तुम अद्वैत वेदांत की शिक्षा लेना चाहोगे? " रामकृष्ण ने मासूमियत से उत्तर दिया— "मैं अपनी माँ (काली) से पूछकर बताता हूँ।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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