श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 5 : Sundarkand • अध्याय 3C0C2lfMXywyB7YbXwvS
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सीता जी की खोज के लिए महाबली हनुमान जी ने महेंद्र पर्वत से विशाल समुद्र को लाँघने की प्रतिज्ञा ली। उन्होंने समस्त देवताओं और अपने पिता वायुदेव को प्रणाम कर प्रचंड वेग से आकाश में छलाँग लगाई। उनका यह संकल्प श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक था।
