Skip to main content
Part 1 of 4
Aa
पौराणिक कथाएँ 11
पौराणिक कथाएँ 11
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 11 • कथा u0lJhbu9KjSX1GTDIzLG
1 / 4

सुदामा के साथ बातें करते हुए कब कृष्ण उनके पाँव दबाने लगे य सुदामा को पता ही नही चला। सुदामा सो चुके थे किंतु कृष्ण अपनी ही सोंचों में मगन उनके पाँव दबाते हुए बचपन की बातें करते चले जा रहे थे, कि तभी रुक्मिणी ने उनके कंधे पर हाथ रखा। कृष्ण ने चौंक कर पहले उन्हे देखा और फिर सुदामा को, फिर उनका आशय समझ कर वहाँ से उठ कर अपने कक्ष में चले आये। कृष्ण की ऐसी मगन अवस्था देखकर रुक्मिणी ने पूछा, "स्वामी आज आपका व्यवहार बहुत ही विचित्र प्रतीत हो रहा है। आप, जो इस संसार के बड़े से बड़े सम्राट के द्वारका आने पर उनसे तनिक भी प्रभावित नही होते हैं, वो अपने मित्र के आगमन की सूचना पर इतने भावविव्हल हो गए कि भोजन छोड़कर नंगे पाँव उन्हे लेने के लिए भागते चले गए। आप, जिनको कोई भी दुख, कष्ट या चुनौती कभी रुला नही पाई, यहाँ तक कि जो गोकुल छोड़ते समय मैया यशोदा के अश्रु देखकर भी नही रोये, वे अपने मित्र के जीर्ण शीर्ण, घावों से भरे पाँवों को देखकर इतने भावुक हो गए कि अपने अश्रुओं से ही उनके पाँवों को धो दिया।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
1 / 4