कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 53 • कथा 2Qw0fDqmRIBUIsLymCdh
1 / 4
भगवान जगन्नाथ के परम भक्तों में भक्त सालबेग का नाम सबसे ऊपर आता है। उनकी कहानी यह सिद्ध करती है कि भगवान केवल भक्ति के भूखे हैं, मजहब या जाति के नहीं। सालबेग एक मुस्लिम भक्त थे, लेकिन उनकी याद में आज भी जगन्नाथ जी का रथ उनके मजार (समाधि) के सामने रुकता है। सालबेग का जन्म 17वीं शताब्दी में हुआ था। उनके पिता एक मुगल सूबेदार थे और उनकी माता एक हिंदू ब्राह्मण महिला थीं। सालबेग का पालन-पोषण मुस्लिम रीति-रिवाजों में हुआ और वे अपने पिता की तरह सेना में भर्ती होकर युद्ध लड़ने लगे। एक बार युद्ध के दौरान सालबेग को एक ऐसा रोग (कुष्ठ या कोई गंभीर घाव) हुआ कि उनका पूरा शरीर गलने लगा। हकीमों और डॉक्टरों ने कह दिया कि यह बीमारी कभी ठीक नहीं होगी। सालबेग बहुत पीड़ा में थे।
