कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 53 • कथा C0XtizsJdFIM0RQVcY5i
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पथवारी माता की कहानियाँ ग्रामीण लोककथाओं का हिस्सा हैं, इसलिए इनके कई रूप मिलते हैं। लेकिन सबसे प्रचलित और "मूल" मानी जाने वाली कथा कार्तिक मास के स्नान और तुलसी माता के साथ उनके संबंध को दर्शाती है। बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक गरीब बुढ़िया रहती थी। वह नियम से हर रोज सुबह जल्दी उठकर नदी में स्नान करती और लौटते समय गाँव की पथवारी (रास्तों की देवी) और तुलसी की पूजा करती थी। वह सादगी से अपना जीवन जीती और भगवान का नाम लेती थी। उसी गाँव के साहूकार की बहू बहुत घमंडी थी। वह भी कार्तिक स्नान करती थी, लेकिन उसे अपनी धन-दौलत और सज-धज पर बहुत मान था।
