कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 53 • कथा w93K3FLH2B2epsaFVpNw
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यह मंत्र अर्गला स्तोत्र का सबसे प्रसिद्ध श्लोक है, जो 'देवी महात्म्य' (दुर्गा सप्तशती) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह देवी के ११ विभिन्न रूपों और गुणों की वंदना करता है। ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥ भावार्थ: हे जयन्ती (विजयी), मंगला (कल्याण करने वाली), काली (समय
