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Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva • अध्याय 2Yn96mtHd9nd10KQi0UV
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अश्वमेध महायज्ञ के सफल समापन और अवभृथ-स्नान के उपरांत धर्मराज युधिष्ठिर ने एकांत में भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में साष्टांग प्रणाम किया। युधिष्ठिर ने अत्यंत विनीत और जिज्ञासु भाव से पूछा कि हे जगदीश्वर, मैंने अनेक महर्षियों से धर्म की विधियां सुनी हैं, किंतु आपके पावन मुखारविंद से 'वैष्णव-धर्म' का यथार्थ रहस्य सुनने की मेरी प्रबल इच्छा है। कृपा करके मुझे बताइए कि कौन-से धर्म का अनुष्ठान करने से महापापी मनुष्य भी अपने पापों से मुक्त होकर परम पद प्राप्त कर सकता है?

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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