श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva • अध्याय 4BAEhFz7d6OGO43FkFZ3
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अर्जुन द्वारा कुरुक्षेत्र में उपदिष्ट गीता-ज्ञान के विस्मरण की बात कहने पर श्रीकृष्ण ने खेद व्यक्त किया और योगयुक्त अवस्था की दुर्लभता बताते हुए 'अनुगीता' के रूप में सिद्ध-काश्यप संवाद प्रस्तुत किया।
