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Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva • अध्याय Lb2tP4Tm961pQTzDZ3ek
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धर्मराज युधिष्ठिर के अश्वमेध महायज्ञ की निर्विघ्न पूर्णता पर जब सर्वत्र हर्षोल्लास छाया हुआ था, तभी एक अत्यंत विस्मयकारी घटना घटित हुई। यज्ञमंडप में अचानक एक विचित्र नेवला (नकुल) प्रकट हुआ, जिसकी आंखें नीली थीं और उसका आधा शरीर विशुद्ध सोने का चमक रहा था। उस नेवले ने मेघ के समान गंभीर मानवीय वाणी में अट्टहास करते हुए कहा कि हे उपस्थित राजाओ और ऋषियो, आपका यह भव्य यज्ञ कुरुक्षेत्र के एक उञ्छवृत्तिधारी निर्धन ब्राह्मण के सेरभर सत्तू-दान की बराबरी भी नहीं कर सकता।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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