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Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva • अध्याय VQdeG4aKqCif1smlT1iq
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जनमेजय ने वैशम्पायनजी से पूछा कि महर्षि उत्तंक में ऐसा कौन-सा अलौकिक तपोबल था, जिसके कारण वे भगवान श्रीकृष्ण तक को शाप देने के लिए उद्यत हो गए थे? वैशम्पायनजी ने बताया कि उत्तंक मुनि बाल्यकाल से ही महर्षि गौतम के आश्रम में रहकर विद्याध्ययन करते थे। वे अपने गुरु के प्रति अनन्य श्रद्धा, सेवाभाव और अगाध भक्ति रखते थे। महर्षि गौतम के सहस्रों शिष्य अपनी शिक्षा पूरी कर घर लौट गए, किंतु उत्तंक के प्रति अत्यधिक स्नेह होने के कारण गुरु ने उन्हें कभी जाने की आज्ञा नहीं दी।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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