श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva • अध्याय YckpVMVulYcfKW02zN4V
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यज्ञीय अश्व मणिपुर पहुंचा, जहां अर्जुन-पुत्र बभ्रुवाहन ने पिता का विनम्र स्वागत किया। अर्जुन ने क्षत्रिय धर्म का स्मरण कराकर उन्हें युद्ध के लिए ललकारा।

यज्ञीय अश्व मणिपुर पहुंचा, जहां अर्जुन-पुत्र बभ्रुवाहन ने पिता का विनम्र स्वागत किया। अर्जुन ने क्षत्रिय धर्म का स्मरण कराकर उन्हें युद्ध के लिए ललकारा।