श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 14 : Ashvamedhikaparva • अध्याय eDZRUcfBB2J9yERv2jWI
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युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण ने छियासी हजार योजन लंबे यमलोक मार्ग, पापियों के दारुण संताप और धर्मात्माओं की सुगम गति का विशद वर्णन किया।

युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण ने छियासी हजार योजन लंबे यमलोक मार्ग, पापियों के दारुण संताप और धर्मात्माओं की सुगम गति का विशद वर्णन किया।