श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 7 : Dronaparva • अध्याय 02t0deJB8ASvu2NFeHRL
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सेनापति बनने के बाद गुरु द्रोणाचार्य ने दुर्योधन से कहा कि वह जो चाहे वरदान मांग ले। दुर्योधन बहुत चालाक था। उसने कहा कि वह युधिष्ठिर को मारना नहीं चाहता, बल्कि उन्हें जीवित बंदी बनाना चाहता है ताकि वह फिर से उनके साथ जुआ खेलकर उन्हें जंगल भेज सके।
