श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 7 : Dronaparva • अध्याय 46SkupTHFzEYl6KrAiZU
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अभिमन्यु की वीरगति के उपरांत धर्मराज युधिष्ठिर घोर आत्मग्लानि और संताप में डूब गए। वे स्वयं को उस सुकुमार बालक की मृत्यु का दोषी मानकर विलाप करने लगे।

अभिमन्यु की वीरगति के उपरांत धर्मराज युधिष्ठिर घोर आत्मग्लानि और संताप में डूब गए। वे स्वयं को उस सुकुमार बालक की मृत्यु का दोषी मानकर विलाप करने लगे।