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Mahabharata Part 7 : Dronaparva
Mahabharata Part 7 : Dronaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 7 : Dronaparva • अध्याय Ad7V5LNysTOsBYRSgkiv
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चौदहवें दिन के ढलते प्रहर में कुरुक्षेत्र का आकाश सिंदूरी लालिमा से भर चुका था। सूर्यदेव अस्ताचल पर्वत के अत्यंत निकट पहुंच चुके थे और दिन समाप्त होने में केवल कुछ ही क्षण शेष थे। राजा दुर्योधन ने देखा कि अर्जुन की भीषण प्रतिज्ञा पूर्ण होने का समय समाप्त होने वाला है। दुर्योधन ने अत्यंत हर्ष में भरकर कर्ण, कृपाचार्य, अश्वत्थामा, शल्य और वृषसेन से पुकारकर कहा कि वे केवल थोड़ी देर और जयद्रथ की रक्षा कर लें। यदि सूर्यास्त हो गया, तो अर्जुन को अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार चिता में जलकर भस्म होना पड़ेगा।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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