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Mahabharata Part 7 : Dronaparva
Mahabharata Part 7 : Dronaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 7 : Dronaparva • अध्याय B9NhiHTDa7eAWLboDXEg
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नारायणास्त्र के शांत हो जाने पर भी द्रोणपुत्र अश्वत्थामा का प्रतिशोध शांत नहीं हुआ। अपने पूज्य पिता के वध से संतप्त होकर उसने पांडवों और श्रीकृष्ण को समूल नष्ट करने का अंतिम प्रयास किया। अश्वत्थामा ने अपने रथ पर खड़े होकर आचमन किया और अग्निदेव के परम संहारक 'आग्नेयास्त्र' का आवाहन किया। उस दिव्यास्त्र को अभिमंत्रित करके उसने साक्षात काल के समान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ की ओर पूरी शक्ति से छोड़ दिया।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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