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Mahabharata Part 7 : Dronaparva
Mahabharata Part 7 : Dronaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 7 : Dronaparva • अध्याय E3U1n38NSYd7R7ME2tQd
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चौदहवें दिन के सूर्यास्त के उपरांत जब संपूर्ण रणभूमि में अंधकार घिर गया, तब भी राजा दुर्योधन के हृदय में जल रही प्रतिशोध की अग्नि शांत नहीं हुई। जयद्रथ और अपने अनेक भाइयों के वध से पागल होकर दुर्योधन ने आचार्य द्रोण के पास जाकर अत्यंत कटु शब्दों में कहा कि आचार्य की शिथिलता के कारण ही कौरवों का यह सर्वनाश हुआ है। द्रोणाचार्य ने दुर्योधन को स्मरण कराया कि उसके अपने पाप ही इस विनाश के मूल कारण हैं, फिर भी वे दुर्योधन के हित के लिए आज रात्रि में भी युद्ध जारी रखेंगे।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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