श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 7 : Dronaparva • अध्याय JSzugx6UFE5wDvfSi5GD
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पंद्रहवें दिन सुबह गुरु द्रोणाचार्य ने बहुत भयंकर तरीके से बाण चलाने शुरू कर दिए। उनके तीरों से पांडवों के दो बड़े और सम्मानीय राजा—राजा द्रुपद और राजा विराट—वीरगति को प्राप्त हो गए।
