श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 13 : Anushasanaparva • अध्याय MQ1INdxgGg27NzUJZg3K
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धर्मराज युधिष्ठिर ने शरशैया पर आसीन पितामह भीष्म से अत्यंत विनीत भाव से एक नया प्रश्न पूछा। हे पितामह! क्या किसी साधारण मनुष्य ने केवल गृहस्थ धर्म का पालन करके भी मृत्यु पर विजय प्राप्त की है? संसार में मृत्यु को जीतना अत्यंत दुष्कर माना जाता है। कृपया मुझे किसी ऐसे पुण्यात्मा का चरित्र सुनाइए जिसने गृहस्थ आश्रम के नियमों पर अडिग रहकर साक्षात मृत्यु को पराजित किया हो।
