श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 9 : Shalyaparva • अध्याय 9MMxT3RfIC1QFBrNccCJ
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मद्रराज शल्य के वीरगति प्राप्त करने के उपरांत उनके सात सौ निष्ठावान रथी वीर प्रतिशोध की ज्वाला में जल उठे। राजा दुर्योधन के मना करने पर भी वे तीव्र वेग से धर्मराज युधिष्ठिर की ओर दौड़े और उन्हें चारों ओर से घेर लिया। अर्जुन ने जब यह देखा, तो वे गांडीव की भयंकर टंकार करते हुए तुरंत युधिष्ठिर की रक्षा के लिए वहां पहुंचे। भीमसेन, नकुल, सहदेव, सात्यकि और द्रौपदी के पांचों पुत्रों ने भी मद्र वीरों का मार्ग रोक लिया।
