कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 6 • कथा tH2sl5j92sXSsxiPcnuG
1 / 4
तीन साधु थे, यात्रा कर रहे थे यमुना किनारे उनमें तीसरा साधु जो था वो बुढा था, वृद्ध था, उसने कहा भाई हम इस गाँव के बाहर मन्दिर में आसन लगा के यहां रहेगे तुम तो जवान हो, तुम चलेे जाओ। तो दो जवान साधु आगे गये चलते-चलते संध्या हो गयी दोनों साधुओं ने सोचा अब बरसाना आ रहा है, राधा रानी जी का गाँव, क्या करेंगे ? मांगेगे कहाँ ? बोले मांगना कहाँ हम तो राधारानी के मेहमान है, खिलाएगी तो खा लेंगे नहीं तो मन्दिर में आरती के समय कहीं कुछ प्रसाद मिलेगा वो खा के पानी पिलेगें..! साधुओं ने मज़ाक-मज़ाक में ऐसा कहा, वो साधु पहुंच गये बरसाना और बरसाना में आरती हुई, मन्दिर में उत्सव भी हुआ था
