कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 45 • कथा EP4Cn182yiR0NMZpmJI3
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संत तुकाराम गाथा: भक्ति और धैर्य संपन्नता से विपदा तक तुकाराम जी महाराष्ट्र के 'देहू' गाँव के एक धनी परिवार में जन्मे थे। उनके पास खेती-बाड़ी और साहूकारी का व्यापार था। लेकिन एक भीषण अकाल पड़ा, जिसमें उनके माता-पिता और उनकी पहली पत्नी का देहांत हो गया। उनका सारा व्यापार चौपट हो गया। तुकाराम जी विरक्त हो गए और अपना सारा समय विठ्ठल (कृष्ण) के भजन में बिताने लगे। 'जीजाबाई' और गन्ने की परीक्षा तुकाराम जी की दूसरी पत्नी का नाम जीजाबाई (अवली) था। वह स्वभाव से बहुत तेज थीं क्योंकि घर में दाने-दाने की किल्लत थी। * कथा: एक बार तुकाराम जी एक गन्ने के खेत में काम करके मजदूरी में कुछ गन्ने लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में जो भी बच्चा या भिखारी मिलता, वे उसे एक गन्ना दे देते।
