Skip to main content
Part 1 of 4
Aa
पौराणिक कथाएँ 22
पौराणिक कथाएँ 22
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 22 • कथा OCYA0cuRV2SAgZuoNO
1 / 4

यह कहानी जगन्नाथ पुरी के सबसे भावुक प्रसंगों में से एक है, जिसे 'माणिकी गौड़न' की कथा के रूप में जाना जाता है। यह कथा इस बात का प्रमाण मानी जाती है कि भगवान अपने भक्त के प्रेम के वश में होकर किसी भी हद तक जा सकते हैं। सदियों पहले की बात है, ओडिशा के कांची अभियान पर जाते समय महाराज पुरुषोत्तम देव अपनी सेना के साथ चिलिका झील के किनारे से गुजर रहे थे। गर्मी का दिन था और सेना प्यास और थकान से बेहाल थी। उसी रास्ते में माणिकी नाम की एक गरीब ग्वालन दही बेच रही थी। तभी उसे दो सुंदर घुड़सवार दिखे—एक का रंग गहरा काला था और दूसरे का गोरा।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
1 / 4