श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 1 : Baalkand • अध्याय 6v5E9pfhqsFykgYqYBTs
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एक वर्ष पूरा होने पर यज्ञ संबंधी पवित्र अश्व संपूर्ण भूमंडल का निर्विघ्न भ्रमण करके वापस अयोध्या लौट आया। इसके पश्चात सरयू नदी के उत्तरी तट पर राजा दशरथ का महान अश्वमेध यज्ञ आरंभ हुआ। महामनस्वी राजा दशरथ के उस महायज्ञ में श्रेष्ठ ब्राह्मण और मुनिगण महर्षि ऋष्यशृंग को आगे करके यज्ञ संबंधी कर्म करने लगे। सभी ब्राह्मण वेदों के पारंगत विद्वान थे, जिन्होंने न्याय तथा विधि के अनुसार सब कर्मों का उचित रीति से संपादन किया।
