श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 1 : Baalkand • अध्याय 96SDoRgFsMUWuULKYHLH
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शतानंद जी कहते हैं कि हे श्रीराम, पुष्कर तीर्थ में एक हजार वर्ष पूरे हो गए। तब विश्वामित्र जी ने अपने कठोर व्रत की समाप्ति का स्नान किया। स्नान कर लेने पर महामुनि विश्वामित्र के पास संपूर्ण देवता उन्हें तपस्या का फल देने की इच्छा से आए। उस समय महातेजस्वी ब्रह्मा जी ने मधुर वाणी में कहा कि हे मुने, तुम्हारा कल्याण हो। अब तुम अपने द्वारा उपार्जित शुभ कर्मों के प्रभाव से 'ऋषि' हो गए हो।
