श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 1 : Baalkand • अध्याय BJyWePqAEdGxbHARqCOk
1 / 19
प्रातःकाल होने पर महर्षि विश्वामित्र ने श्रीराम और लक्ष्मण को निद्रा से जगाया। उन्होंने कहा कि हे नरश्रेष्ठ राम, प्रभात की वेला हो चुकी है, अतः उठकर अपने नित्य कर्म और देव-उपासना को पूर्ण करो। मुनि के इन उदार वचनों को सुनकर दोनों राजकुमारों ने स्नान किया और पवित्र होकर गायत्री मंत्र का जप किया। नित्य कर्म समाप्त करने के पश्चात् दोनों पराक्रमी भाई मुनि विश्वामित्र को प्रणाम कर आगे की यात्रा के लिए उद्यत हो गए।
