श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 2 : Ayodhyakand • अध्याय CQxYbE6qCEkIsKsaTrdy
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राजभवन में प्रविष्ट होकर श्रीराम ने पिता दशरथ को अत्यंत शोकाकुल और वाणीहीन अवस्था में पाया। पिता की अप्रत्याशित दीनदशा देखकर श्रीराम अत्यंत चिंतित हो उठे।

राजभवन में प्रविष्ट होकर श्रीराम ने पिता दशरथ को अत्यंत शोकाकुल और वाणीहीन अवस्था में पाया। पिता की अप्रत्याशित दीनदशा देखकर श्रीराम अत्यंत चिंतित हो उठे।