कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 48 • कथा 3FGgl6HhOJafMFweNRvR
1 / 4
सांभर (राजस्थान) स्थित शाकंभरी माता की यह लोककथा बहुत ही रोचक है। यह कहानी बताती है कि कैसे माता ने अपनी कृपा से एक मरुस्थल को "चांदी की भूमि" में बदल दिया था और फिर मानवीय लोभ के कारण उसे नमक की झील बनना पड़ा। बात लगभग छठी शताब्दी (551 ईस्वी) की है। चौहान वंश के प्रतापी राजा वासुदेव चौहान उस समय सपादलक्ष (वर्तमान सांभर क्षेत्र) पर शासन करते थे। राजा वासुदेव माता शाकंभरी के अनन्य भक्त थे। एक बार राजा वन में शिकार खेलने गए थे। वहां एक गुफा में उन्हें एक महान सिद्ध योगी के दर्शन हुए। राजा ने उनकी बहुत सेवा की। योगी ने प्रसन्न होकर राजा से वरदान मांगने को कहा। राजा ने अपनी प्रजा की सुख-समृद्धि और राज्य के विस्तार की कामना की। योगी के निर्देशानुसार राजा ने देवी की कठिन आराधना की।
