कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 48 • कथा jc7iEGN3GXLDB9DtgcFH
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मुख्य रुद्राक्ष और उनके लाभ * एक मुखी रुद्राक्ष (साक्षात् शिव): यह सबसे दुर्लभ माना जाता है। इसे धारण करने से आत्म-साक्षात्कार होता है, मानसिक शांति मिलती है और व्यक्ति का ध्यान ईश्वर की ओर बढ़ता है। * दो मुखी रुद्राक्ष (अर्धनारीश्वर): यह रिश्तों में मधुरता लाने के लिए उत्तम है। इसे धारण करने से पति-पत्नी या मित्रों के बीच सामंजस्य बढ़ता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। * तीन मुखी रुद्राक्ष (अग्नि देव): यह आत्म-शुद्धि का प्रतीक है। इसे पहनने से हीन भावना दूर होती है, पिछले पापों का प्रभाव कम होता है और ऊर्जा बनी रहती है।
