श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 4 : Virataparva • अध्याय 0u9fWngiHm3cy3XPb7G5
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अर्जुन ने अपने रथ को बिजली के वेग से कौरव सेना के सम्मुख उपस्थित कर दिया। गाण्डीव धनुष से छूटे बाणों की ऐसी भयंकर झड़ी लगी मानो आकाश से टिड्डियों का विशाल दल उतर आया हो। अर्जुन ने सबसे पहले गायों को घेरकर ले जा रहे कौरव रक्षकों पर तीव्र बाण चलाए। बाणों के भीषण प्रहार से भयभीत होकर मत्स्य देश की समस्त साठ हजार गायें अपनी पूंछ उठाकर दक्षिण दिशा में विराटनगर की ओर दौड़ पड़ीं। गायों को सुरक्षित छुड़ाने के पश्चात अर्जुन ने दुर्योधन की मुख्य सेना की ओर अपने रथ को मोड़ा।
