कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 51 • कथा MHcVQnvjZWeV0EwPYu7Q
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श्री आवड़ माता और सात मातृकाओं का प्राकट्य प्राचीन काल में, सिंध (अब पाकिस्तान) के मामड़ जी चारण के घर सात पुत्रियों और एक पुत्र का जन्म हुआ। ये सातों बहनें देवी की अवतार मानी जाती थीं, जिनमें आई श्री आवड़ माता सबसे प्रमुख थीं। उनके भाई का नाम मेहरखा था। लोक कथाओं के अनुसार, जब यह दिव्य परिवार मरुभूमि की यात्रा पर था, तब एक रात्रि विश्राम के दौरान पीवणा सर्प ने सोते हुए मेहरखा की श्वास में विष छोड़ दिया। राजस्थानी लोक मान्यताओं में पीवणा सर्प डंक नहीं मारता, बल्कि सोते हुए व्यक्ति की सांसों में जहर भर देता है, जिससे व्यक्ति सुबह उठ नहीं पाता।
