कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 51 • कथा ff7hMRkK9zePIDFaGZtj
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बिलाड़ा की आई माता जी की कहानी केवल एक चमत्कार की नहीं, बल्कि नारी शक्ति, सामाजिक सुधार और अटूट भक्ति की गाथा है। आई माता की प्रामाणिक कथा 1. जन्म और बचपन (जीजी बाई) आई माता का जन्म 15वीं शताब्दी (विक्रम संवत 1472) में गुजरात के अंबापुर में हुआ था। उनके बचपन का नाम जीजी बाई था। उनके पिता का नाम बीका डाभी था। माना जाता है कि वे स्वयं आद्य शक्ति (अंबे माँ) का अवतार थीं। बचपन से ही उनमें दैवीय शक्तियाँ दिखने लगी थीं और वे दीन-दुखियों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं। 2. मांडू के सुल्तान की कुदृष्टि जीजी बाई अत्यंत रूपवान थीं। जब उनकी ख्याति फैली, तो मांडू के सुल्तान की नीयत उन पर खराब हो गई और उसने उनसे विवाह करने का प्रस्ताव भेजा।
