कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 20 • कथा CSlYAViT9raXvQQjfoat
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नवरात्रि के पांचवें दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय (जिन्हें 'स्कंद' भी कहा जाता है) की माता होने के कारण इनका नाम 'स्कंदमाता' पड़ा। इनकी उपासना से भक्त की समस्त इच्छाएं पूर्ण होती हैं और उसे मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। माँ स्कंदमाता की कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय तारकासुर नाम के राक्षस ने घोर तपस्या करके ब्रह्मा जी से यह वरदान प्राप्त कर लिया था कि उसकी मृत्यु केवल शिव पुत्र के हाथों ही होगी।
