कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 20 • कथा dEUKP8KPLuAKcWsWvLBV
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एक रानी अपने गले का हीरों का हार निकाल कर खूँटी पर टाँगने वाली ही थी कि एक बाज आया और झपटा मारकर हार ले उड़ा। चमकते हीरे देखकर बाज ने सोचा कि खाने की कोई चीज होगी। वह नाले के किनारे एक पेड़ पर जा बैठा और खाने की कोशिश करने लगा। हीरे तो कठोर होते हैं, उसने चोंच मारी तो दर्द से कराह उठा। उसे समझ में आ गया कि यह उसके काम की चीज नहीं है। वह हार को उसी पेड़ पर लटकता छोड़ उड़ गया। रानी को वह हार प्राणों सा प्यारा था। उसने राजा से कह दिया कि हार का तुरन्त पता लगवाइए वरना वह खाना-पीना छोड़ देगी। राजा ने कहा कि दूसरा हार बनवा देगा लेकिन उसने जिद पकड़ ली कि उसे वही हार चाहिए। सब ढूँढ़ने लगे पर किसी को हार मिला ही नहीं।
